समाज के भले के लिए देहाती क्षेत्रों का प्रगति एक व्यापक दृष्टिकोण की आवश्यकता करता है। इसमें मात्र भौतिक उन्नति ही नहीं, बल्कि सामाजिक बेहतरी , प्रकृति का सुरक्षा और पारंपरिक विरासत का जतन भी शामिल है। आवश्यक है कि कृषकों की धन में बढ़ोत्तरी हो, शिक्षा और सेहत सेवाओं का प्रसार हो, और देशी उद्योगों को